
MP Assembly Congress protest :मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। गिरगिट और भैंस के बाद अब तीसरे दिन कांग्रेस विधायक हरे पत्तों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे। यह प्रदर्शन पेसा कानून को सही ढंग से लागू न करने के विरोध में किया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में हुए इस अनोखे प्रदर्शन में आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी, भूमि हनन और वनाधिकार कानूनों की अनदेखी को मुद्दा बनाया गया। सरकार की ओर से भी इस पर तीखा जवाब आया।
पेसा एक्ट को लेकर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पेसा कानून को केवल कागजों में लागू किया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी कर रही है। वन अधिकार पट्टों को लेकर कांग्रेस ने दावा किया कि यह सरकार आदिवासियों की आजीविका, संस्कृति और पहचान पर हमला कर रही है। हरे पत्तों की माला पहनकर प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने वन और पर्यावरण से जुड़े आदिवासियों के जीवन को प्रतीक रूप में प्रस्तुत किया।
मंत्री प्रहलाद पटेल का पलटवार
सरकार की तरफ से पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों को मूल्यांकन का अधिकार नहीं है, क्योंकि जिन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ नहीं किया, वे आज सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने पेसा एक्ट के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय काम किया है।
पहले गिरगिट, फिर भैंस और अब पत्तों की माला
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन लगातार अलग-अलग तरीकों से सामने आ रहे हैं। पहले दिन कांग्रेस विधायक गिरगिट खिलौने लेकर आए, जिससे सरकार के बदलते रुख पर निशाना साधा गया। दूसरे दिन भैंस के आगे बीन बजाई गई, जिसका प्रतीकात्मक मतलब ‘बेजुबानों से संवाद की कोशिश’ बताया गया। अब तीसरे दिन आदिवासी संस्कृति से जुड़े हरे पत्तों की माला पहनकर सरकार को घेरा गया। यह रचनात्मक विरोध विपक्ष की रणनीति में एक नया आयाम जोड़ रहा है।