मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक नया राजनीतिक प्रयोग शुरू किया है। पार्टी ने अल्पसंख्यक वर्ग सहित सभी समुदायों की महिलाओं को जोड़ने के लिए ‘प्रोजेक्ट M’ तैयार किया है। इस पहल की लॉन्चिंग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे। इसे कांग्रेस के संगठन विस्तार और महिला नेतृत्व को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
‘प्रोजेक्ट M’ में सभी समाज की महिलाओं को शामिल किया जाएगा
कांग्रेस के इस नए प्रोजेक्ट में सिर्फ अल्पसंख्यक वर्ग ही नहीं बल्कि सभी समाज की महिलाओं को शामिल किया जाएगा। योजना के तहत महिलाएं केवल रैलियों या आंदोलनों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य महिलाओं को भी राजनीति से जोड़ने का काम करेंगी। पार्टी का लक्ष्य जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व को तैयार करना बताया जा रहा है।
160 महिलाओं का राज्य स्तरीय समूह तैयार
पार्टी ने प्रदेश स्तर पर लगभग 160 महिलाओं का समूह तैयार किया है। इन महिलाओं को संगठनात्मक प्रशिक्षण देकर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन और सक्रियता के आधार पर इन्हें आगे चलकर नगर निकाय और अन्य चुनावों में टिकट भी दिया जा सकता है।
राजनीति में नई भूमिका की तैयारी
‘प्रोजेक्ट M’ के तहत चुनी गई महिलाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इसमें संगठन विस्तार, जनसंपर्क और सामाजिक मुद्दों पर काम शामिल होगा। पार्टी का उद्देश्य है कि महिलाएं राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं और नेतृत्व क्षमता विकसित करें।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
इस पहल पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए इसे “राजनीतिक प्रयोग” बताया और तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा और संगठनात्मक रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे “पुरानी राजनीति की पुनरावृत्ति” करार दिया।
राजनीतिक हलचल तेज
‘प्रोजेक्ट M’ के लॉन्च से मध्यप्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। जहां कांग्रेस इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहा है। अब सबकी नजर इस प्रोजेक्ट के जमीन पर असर और महिलाओं की भागीदारी पर टिकी है।