दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उज्जैन, विदिशा, खंडवा और मंडला के नैनपुर में देर रात तक धरना, नारेबाजी, चक्काजाम और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
उज्जैन में टॉवर चौक पर विरोध, पुतला दहन किया
उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ता शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में टॉवर चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास एकत्र हुए। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और पैदल मार्च निकालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का विरोध जताया।
विदिशा में देर रात तक धरना, रिहाई की मांग
विदिशा के विवेकानंद चौराहे पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने देर रात तक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की रिहाई, पेपर लीक के आरोपियों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
खंडवा में कलेक्टर कार्यालय का घेराव
खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने परिसर में बैठकर नारेबाजी की और राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस ने आगामी दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
मंडला के नैनपुर में थाना परिसर के सामने प्रदर्शन
मंडला जिले के नैनपुर में नगर कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस और एनएसयूआई के संयुक्त नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर के सामने नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। नेताओं ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
चार जिलों में एक साथ दिखा विरोध का असर
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। कहीं धरना दिया गया, कहीं चक्काजाम किया गया तो कई स्थानों पर पुतला दहन और प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव भी किया गया। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न नेताओं ने अपनी-अपनी मांगें रखीं। वहीं, इस इनपुट में इन प्रदर्शनों पर प्रशासन या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।