दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक में मध्यप्रदेश कांग्रेस से जुड़े स्लीपर सेल का मुद्दा चर्चा के केंद्र में रहा। इस संवेदनशील विषय को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गहन मंथन हुआ। बैठक के बाद पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ संकेत दिए कि संगठन के भीतर संदिग्ध भूमिका निभाने वालों पर अब सख्त रुख अपनाया जा सकता है।
CWC में उठा सवाल, होगी ठोस कार्रवाई
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए कई पूर्व प्रभावशाली नेताओं से जुड़े लोग आज भी संगठन में सक्रिय हैं। ऐसे लोग पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इनकी पहचान जरूरी है और इन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां नहीं दी जानी चाहिए। पीसी शर्मा ने स्पष्ट किया कि CWC में जिस मुद्दे पर चर्चा हुई है, उस पर पार्टी स्तर पर निश्चित कार्रवाई होगी।
भावांतर और सरकार की आर्थिक स्थिति पर हमला
पीसी शर्मा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पर भारी ओवरड्राफ्ट है और योजनाओं के नाम पर इधर-उधर से धन जुटाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को भी समय पर उनका हक नहीं मिल पा रहा है, जो सरकार की कमजोर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
गुटबाजी पर बोले – बड़ी पार्टी में मतभेद स्वाभाविक
कांग्रेस में हालिया इस्तीफों और आंतरिक मतभेदों पर पीसी शर्मा ने कहा कि राजनीति में गुटबाजी होती रहती है। कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है, इसलिए छोटी-मोटी असहमतियां स्वाभाविक हैं और संगठन इन्हें संभालना जानता है।
ब्लॉक स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी
पीसी शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस की हार का अंतर इतना कम था कि यदि वोटों का विभाजन न होता तो सरकार कांग्रेस की बनती। उन्होंने बताया कि मंडल, ब्लॉक और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जा रहा है। ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है और इसमें स्थानीय नेतृत्व व सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दी जा रही है।