मध्य प्रदेश, खासकर राजधानी भोपाल, साइबर ठगों के बड़े नेटवर्क के निशाने पर है। बीते तीन वर्षों में अकेले भोपाल में करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आए हैं। जांच में सामने आया है कि अलग-अलग राज्यों में फैले साइबर गिरोह संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं, जिससे अपराध की जांच जटिल हो जाती है। बदलते ठगी के तरीकों और बहुराज्यीय नेटवर्क के कारण साइबर एजेंसियों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
6 राज्यों का नेटवर्क बना जांच की चुनौती
साइबर अपराधों की जांच में सामने आया है कि ठग अलग-अलग राज्यों से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। फर्जी सिम कार्ड एक राज्य से लिए जाते हैं, कॉल किसी दूसरे राज्य से किए जाते हैं, जबकि ठगी की रकम अन्य राज्यों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इसके बाद राशि को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर या एटीएम के माध्यम से निकाल लिया जाता है। इस बहुस्तरीय नेटवर्क के कारण अपराधियों तक पहुंचने में समय लगता है और जांच लंबी खिंच जाती है।
हर महीने बदल रहा साइबर ठगी का तरीका
साइबर ठग लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं। कभी बिजली बिल अपडेट कराने, तो कभी प्रतियोगी
परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, शेयर ट्रेडिंग, बैंक अधिकारी, पुलिस, सरकारी एजेंसी या निवेश सलाहकार बनकर लोगों को कॉल और मैसेज किए जाते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति झांसे में आता है, उससे बैंकिंग जानकारी लेकर रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे पैसे का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
समय पर शिकायत से बच सकती है रकम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। समय रहते सूचना मिलने पर संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कर रकम बचाई जा सकती है। देर होने पर राशि कई खातों में स्थानांतरित हो जाती है, जिससे उसे वापस लाना कठिन हो जाता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में पीड़ितों को पूरी रकम वापस नहीं मिल पाती।
बिजली बिल अपडेट के नाम पर लाखों की ठगी
भोपाल के मिसरोद क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी को बिजली बिल अपडेट कराने का झांसा देकर 5.55 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपी ने मैसेज भेजकर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी और लिंक के माध्यम से बैंकिंग जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल ली। वहीं कोहेफिजा क्षेत्र में भी एक व्यक्ति से फोन कॉल के जरिए 64,800 रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। दोनों मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।