Madhya Pradesh Drug Network CM Mohan Yadav---मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार ने अपना रुख और सख्त करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल ड्रग्स की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि 2029 तक देश को नशे और ड्रग्स से मुक्त करने के लक्ष्य को लेकर मध्य प्रदेश पूरी ताकत से काम कर रहा है।
ड्रग्स के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नशे का कारोबार किसी एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं है। इसके तार कई राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं, इसलिए कार्रवाई भी व्यापक स्तर पर करने की जरूरत है। सरकार का फोकस केवल किसी एक आरोपी तक पहुंचने पर नहीं, बल्कि ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन को समझने पर है। इसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नशे की खेप कहां से आती है, उसे कौन सप्लाई करता है और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है।
सात राज्यों के साथ समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार अपने पड़ोसी सात राज्यों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इस अभियान में खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब नशे का कारोबार राज्यों की सीमाओं तक फैला है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी आपसी समन्वय के साथ ही प्रभावी हो सकती है।
आर्थिक नेटवर्क पर भी नजर
सरकार की रणनीति में ड्रग्स से जुड़े आर्थिक तंत्र को भी निशाने पर लेने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबारियों, सप्लायरों और सिंडिकेट से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी। इसका उद्देश्य केवल छोटी खेप पकड़कर मामला खत्म करना नहीं, बल्कि उस नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना है, जो नशे के कारोबार को आगे बढ़ाता है। मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से भी अवैध ड्रग गिरोहों और सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
नक्सलवाद जैसी मुस्तैदी से नशा माफिया पर प्रहार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नशे के खिलाफ सरकार की रणनीति की तुलना नक्सलवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह नक्सलवादी गतिविधियों के खिलाफ मजबूती से कार्रवाई की गई, उसी तरह नशा माफिया के खिलाफ भी पूरी मुस्तैदी के साथ काम किया जा रहा है। सरकार के लिए यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी है। इसी वजह से सप्लाई नेटवर्क पर सीधे प्रहार करने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।
युवाओं को नशे के जाल से बचाना सबसे बड़ी चुनौती
नशे के कारोबार को लेकर सरकार की चिंता का बड़ा केंद्र युवा पीढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स का कारोबार युवाओं को आसानी से अपना निशाना बनाता है। ऐसे में सरकार की कोशिश नशे की सप्लाई रोकने के साथ युवाओं को इस जाल से बचाने की भी है। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती ऐसे नेटवर्क को तोड़ना है, जो लगातार नए रास्ते तलाशता है। मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि मध्य प्रदेश में ड्रग्स के खिलाफ अभियान को अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित रखने के बजाय पूरे सिंडिकेट और उसके नेटवर्क को निशाने पर लेने की दिशा में आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है।