मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार प्रदाता बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को स्वदेशी जागरण मंच के दो दिवसीय प्रांतीय वर्ग के उद्घाटन अवसर पर 'उद्यमिता आयोग' के गठन की घोषणा की। इस आयोग का संचालन स्वदेशी जागरण मंच द्वारा किया जाएगा। यह आयोग युवाओं को स्वरोजगार, स्टार्टअप और लघु उद्योगों की दिशा में प्रोत्साहित करेगा। इसके माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और पूंजी सहायता जैसे साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि युवा सिर्फ नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।
युवाओं को बनाएगा रोजगार प्रदाता
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रदेश में सशक्त रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय है कि युवा केवल रोजगार की तलाश में न रहें, बल्कि खुद उद्यमी बनकर दूसरों को भी रोजगार दें। यह आयोग इसी दिशा में युवाओं के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करेगा।
स्वदेशी को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्वदेशी को व्यवस्था का हिस्सा बनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अब स्वदेशी कोई विचार नहीं, बल्कि शासन की नीतियों का हिस्सा बनेगा। यह पहल प्रदेश में आर्थिक और सामाजिक रूप से बड़ा बदलाव ला सकती है।
स्वरोजगार और स्टार्टअप्स को मिलेगा बल
उद्यमिता आयोग की घोषणा को विशेषज्ञ प्रदेश में स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।