मध्यप्रदेश के नीमच में सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने बॉलीवुड फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ की यादें ताजा कर दीं। एक युवती ने प्रेम विवाह किया तो उसके परिजनों ने उसे मृत मानते हुए सामाजिक रूप से अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कर दीं। जिंदा बेटी की तस्वीर पर माला चढ़ाई गई, पिंडदान किया गया और विधिवत मृत्युभोज का आयोजन किया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने सामाजिक सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला नीमच के बघाना थाना क्षेत्र के पठारी मोहल्ले का है।
प्रेम विवाह बना विवाद की जड़
25 अप्रैल को अमर सिंह यादव की बेटी कल्पना घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने 13 मई को उसे खोज निकाला। पूछताछ में उसने बताया कि उसने बघाना के ही एक युवक से कोर्ट मैरिज कर ली है। इस परिजनों को यह रिश्ता स्वीकार नहीं हुआ।
परिवार ने बेटी को मरा मान लिया
बेटी के प्रेम विवाह और पुलिस थाने में परिवार को पहचानने से इनकार करने के बाद, नाराज परिजनों ने बेटी को सामाजिक रूप से मृत मान लिया। परंपरागत तरीके से उसकी मृत्यु की सभी रस्में निभाईं — जिसमें पिंडदान और भोज दोनों शामिल थे।
अंतिम संस्कार जैसी पूरी की रस्में
परिवार ने कल्पना की बड़ी तस्वीर बनवाई, उस पर माला चढ़ाई और सभी रिश्तेदारों को बुलाकर विधिपूर्वक मृत्युभोज कराया। गांव के लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। यह सब किसी पारंपरिक मौत जैसी गंभीरता से किया गया।
भाई का भावुक बयान
लड़की के भाई विक्रम यादव ने कहा कि "जिस बहन को हमने प्यार से पाला, उसी ने आज परिवार को पहचानने से इनकार कर दिया। हम उसके लिए अब कुछ नहीं हैं। इसलिए हमने उसे मृत मान लिया है।"
समाज में चर्चा और बहस शुरू
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में बहस छिड़ गई है कि क्या प्रेम विवाह करने वाली बेटी को ऐसे सामाजिक रूप से मृत घोषित कर देना सही है? कई लोग इसे मानसिकता की परतंत्रता मान रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक मर्यादा से जोड़ रहे हैं।
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