मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में प्याज के दाम न बढ़ने से नाराज किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों ने सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल पर वादा न निभाने का आरोप लगाते हुए अनोखा विरोध शुरू किया है। ग्रामीणों ने पुतले की अर्थी निकालकर, मुंडन कराकर और मुखाग्नि देकर अपना आक्रोश जताया। महिलाओं ने मातम मनाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध अब 64 गांवों तक फैलने की तैयारी में है।
अर्थी यात्रा निकालकर जताया विरोध
सुरगांव जोशी और टिगरियाव गांव में किसानों ने सांसद के पुतले की अर्थी यात्रा निकाली। करीब 300 मीटर लंबी यात्रा में युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तिराहे पर प्रतीकात्मक रूप से पुतले को मुखाग्नि दी गई।
वादाखिलाफी का आरोप, किसानों का गुस्सा तेज
किसानों का आरोप है कि सांसद ने प्याज दाम पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलाकर समाधान दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। आंदोलन समाप्त कराने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से किसानों में रोष बढ़ गया।
महिलाओं ने रोकर जताया विरोध
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने मातम के रूप में सिर पर दुपट्टा रखकर नारे लगाए और केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। कई महिलाएं रो पड़ीं, जिससे माहौल और तीखा हो गया।
किसान नेताओं की खुली चुनौती
किसान नेता त्रिलोक पटेल ने कहा कि इसे चुनौती समझें या चेतावनी—नेताओं को मंच पर आकर किसानों के प्रतिनिधियों से खुली चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को राजनीतिक रंग देना गलत है और ऐसा कहने वालों को किसान जवाब देंगे।
सांसद बोले—‘पुतला जलाने से फर्क नहीं पड़ता’
सांसद ने कहा कि वे अपना कर्तव्य निभा चुके हैं और मुख्यमंत्री से समय मांगा है। उनका कहना है कि कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं, किसान ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि विरोध से उन्हें फर्क नहीं पड़ता, वे आगे भी किसानों के हक की आवाज उठाएंगे।