मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इन अदालतों में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी। मुख्यमंत्री ने पन्ना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मेडिकल शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक सुरक्षा और केन-बेतवा परियोजना को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
4 शहरों में कोर्ट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे की पहल के बाद मध्यप्रदेश में भी चार प्रमुख शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर—में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इन अदालतों का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करना है।
पेपर लीक पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक पेपर लीक और भर्ती विवादों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिससे फैसलों में लंबा समय लगता था। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने के बाद ऐसे मामलों की सुनवाई तेजी से होगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई का रास्ता भी मजबूत होगा।
मेडिकल शिक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार हो रहा है। वर्ष 2002-03 में जहां केवल 5 मेडिकल कॉलेज और लगभग 500 सीटें थीं, वहीं अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या 34 और सीटें करीब 5500 हो चुकी हैं। अगले दो वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 52 और सीटें बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। पन्ना मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण भी अगले वर्ष प्रस्तावित है।
पन्ना को सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पन्ना के बृहस्पति कुंड पर लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से बने ग्लास फ्लोर और व्यू प्वाइंट का लोकार्पण किया। इसके साथ ही करीब 184.83 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि-पूजन किया गया। इनमें गुन्नौर और पवई में बनने वाले दो सांदीपनि विद्यालय भी शामिल हैं।
हितग्राहियों को लाभ
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 35 लाख से अधिक हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से लगभग 210 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि सरकार पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
केन-बेतवा परियोजना
मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परियोजना से प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा और किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।