मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में भव्य कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और रविंद्र भवन में विजन डॉक्यूमेंट 2047 के साथ ‘ई-सेवा नागरिक एप’ लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने ओंकारेश्वर वन्यप्राणी अभयारण्य के गठन और पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा की घोषणा की। सीएम ने कहा कि असम से जल्द ही जंगली भैंसे और गेंडे मध्यप्रदेश लाए जाएंगे।
विजन डॉक्यूमेंट 2047 और ई-सेवा पोर्टल लॉन्च
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला "विजन डॉक्यूमेंट 2047" जारी किया। इस डॉक्यूमेंट में चार लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही "एमपी ई-सेवा" पोर्टल और मोबाइल एप लॉन्च किया गया, जो नागरिकों को सरकारी सेवाओं की डिजिटल पहुंच देगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि प्रदेश में 8.5 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है और हजारों युवाओं को रोजगार मिल चुका है।
ओंकारेश्वर वन्यप्राणी अभयारण्य को मिली मंजूरी
खंडवा और देवास जिले के वन क्षेत्र को मिलाकर 611 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ओंकारेश्वर वन्यप्राणी अभयारण्य का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रदेश की जैव विविधता को समृद्ध करेगा। उन्होंने कहा कि असम से जल्द ही जंगली भैंसा और गेंडे मध्यप्रदेश लाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
पीएम श्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत
राज्य के पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए मुख्यमंत्री ने “पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा” का शुभारंभ किया। यह सेवा प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के बीच हवाई संपर्क को मजबूत बनाएगी। नियमित संचालन 20 नवंबर से शुरू होगा। यह योजना PPP मॉडल पर आधारित है और तीन निजी ऑपरेटरों के सहयोग से संचालित होगी।
तीन दिवसीय ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ महोत्सव की रंगीन शुरुआत
1 से 3 नवंबर तक चलने वाले इस राज्योत्सव में भोपाल का माहौल सांस्कृतिक रंगों से भर गया। पहले दिन सीएम के संबोधन के बाद 500 कलाकारों ने ‘विश्ववन्द - श्रीकृष्ण की सांगीतिक यात्रा’ पेश की। रात में गायक जुबिन नौटियाल ने ‘रातां लम्बियां’ और ‘हमनवां मेरे’ जैसे गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आने वाले दिनों में लोकनृत्य, शिल्प मेले और विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन भी होगा।