MP Free Scooty : मध्य प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत मुफ्त स्कूटी खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देती है। इस साल 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, हर छात्र इस सुविधा के लिए पात्र नहीं है। सरकार ने इसके लिए अंक, स्कूल और मेरिट से जुड़ी कुछ शर्तें तय की हैं।
सरकारी स्कूल के छात्रों को लाभ
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ सरकारी स्कूलों से 12वीं की परीक्षा पास करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को दिया जाता है। पात्रता के लिए छात्र का 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में कम से कम 70 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना जरूरी बताया गया है। इसके अलावा अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को योजना में शामिल किया जाता है। यानी केवल अच्छे अंक ही नहीं, बल्कि स्कूल स्तर की मेरिट भी महत्वपूर्ण है।
आवेदन की जरूरत नहीं होगी
इस योजना की खास बात यह है कि विद्यार्थियों को अलग से आवेदन करने या ऑनलाइन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती। 12वीं का परिणाम जारी होने के बाद सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य अपने स्कूल के पात्र और टॉपर विद्यार्थियों की सूची तैयार करते हैं। इसके बाद स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के दस्तावेजों का मिलान और सत्यापन किया जाता है। सत्यापन पूरा होने के बाद सूची आगे भेजी जाती है।
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DEO के जरिए तैयार होगी सूची
स्कूल प्रशासन सत्यापित विद्यार्थियों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी यानी DEO के माध्यम से MP Education Portal या Vimarsh Portal पर भेजता है। इसके बाद सरकार की ओर से अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है। चयनित विद्यार्थियों को स्कूटी खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यदि छात्र का अपना बैंक खाता नहीं है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि माता-पिता के खाते में भेजी जा सकती है।
ई-स्कूटी के लिए ज्यादा राशि
सरकार स्कूटी के प्रकार के आधार पर अलग-अलग सहायता राशि देती है। ई-स्कूटी खरीदने के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये और पेट्रोल स्कूटी के लिए 90 हजार रुपये तक की राशि दी जाती है। बताया जा रहा है कि 16 सितंबर को 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जा सकता है। वहीं, चयनित छात्रों के खातों में 19 सितंबर तक राशि पहुंचने की संभावना बताई गई है।
तीन साल तक नहीं बेच सकेंगे
योजना के तहत मिलने वाली सहायता से खरीदी गई स्कूटी को लेकर भी सरकार ने शर्त रखी है। लाभार्थी छात्र तीन साल तक स्कूटी को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर या बेच नहीं सकते। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ लेने वाले विद्यार्थी लंबे समय तक इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकें। इस तरह मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में चयन के साथ-साथ वाहन रखने से जुड़ी शर्तों का पालन करना भी जरूरी होगा।