वैश्विक संकट और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री की अपील अब मध्य प्रदेश सरकार की कार्यशैली में भी दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से विभागीय खर्चों में कटौती करने और खुद भी सादगी अपनाने की बात कही। इसके बाद मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप के बयान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है कि क्या अब प्रदेश में मंत्रियों की लाइफस्टाइल में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में खर्च घटाने पर जोर
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे विभागों में अनावश्यक खर्च कम करें। साथ ही आम लोगों को भी बचत के लिए प्रेरित किया जाए। सरकार का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर को देखते हुए संसाधनों का संतुलित उपयोग जरूरी हो गया है। बैठक में ऊर्जा बचत, ईंधन की खपत कम करने और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई।
मंत्री से पूछा गया- क्या अब साइकिल से चलेंगे?
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप से पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या अब मंत्री साइकिल से मंत्रालय आएंगे, वाहन साझा करेंगे या सरकारी काफिलों में कटौती होगी। इस सवाल ने चर्चा को और तेज कर दिया। जवाब में मंत्री ने कहा कि मंत्रियों को सामान्य तौर पर एक ही वाहन आवंटित होता है और सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त वाहन जुड़े रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक विषय है और हर व्यक्ति अपने विवेक से निर्णय ले सकता है।
“मैं तो वेतन भी नहीं लेता” बयान बना चर्चा का केंद्र
मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप का यह बयान भी काफी चर्चा में है कि वे स्वयं वेतन नहीं लेते। उन्होंने कहा कि सादगी और बचत का पालन जितना संभव हो, उतना करना चाहिए। उनके मुताबिक मंत्री भी जनता के बीच से आते हैं और उन्हें खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में मंत्रियों की कार्यशैली में अधिक सादगी दिखाई देगी।
सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल सिस्टम पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही वर्चुअल मीटिंग, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और खर्चों में कमी आएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों और रेलवे माल परिवहन को बढ़ावा देने की बात भी बैठक में सामने आई।
किसानों और आम जनता से भी अपील
सरकार ने किसानों से डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपनाने और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाकर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील की है। इसके अलावा लोगों से विदेश यात्राओं को फिलहाल टालने और देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया गया। सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे बदलाव बड़े स्तर पर आर्थिक संतुलन बनाने में मदद कर सकते हैं।