जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया है। 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद अब सरकार हादसे के हर पहलू की गहराई से जांच कराएगी। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी को इस एक सदस्यीय आयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।
13 लोगों की मौत के बाद बढ़ा दबाव
बरगी डैम में हुए इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। क्रूज डूबने से आठ महिलाओं और चार बच्चों समेत 13 लोगों की जान चली गई थी। हादसे के बाद कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा। घटना के बाद लगातार सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद सरकार ने न्यायिक जांच का फैसला लिया।
हादसे की असली वजह तलाशेगा आयोग
सरकार द्वारा गठित आयोग हादसे के पीछे की असली वजहों की जांच करेगा। इसमें क्रूज की फिटनेस, सुरक्षा मानकों का पालन, यात्रियों की संख्या, संचालन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी जैसे बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि हादसे के दौरान राहत और बचाव कार्य समय पर हुआ या नहीं।
पूरे प्रदेश के वाटर टूरिज्म पर होगी समीक्षा
यह जांच केवल बरगी डैम तक सीमित नहीं रहेगी। आयोग मध्यप्रदेश में संचालित सभी नाव, क्रूज और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगा। सरकार चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में एक समान सुरक्षा प्रणाली और एसओपी लागू की जाए।
नए सुरक्षा नियमों की तैयारी
आयोग की सिफारिशों के आधार पर वाटर टूरिज्म से जुड़े नियमों को और सख्त किया जा सकता है। सरकार पर्यटन स्थलों पर क्विक रिस्पांस टीम यानी QRT तैनात करने, नावों की नियमित फिटनेस जांच और इमरजेंसी सिस्टम को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रही है। इससे जल पर्यटन को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
CM मोहन यादव के निर्देश के बाद तेज कार्रवाई
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद घटनास्थल का दौरा किया था और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। वहीं होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब के प्रबंधक सुनील मरावी को निलंबित किया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक संजय मल्होत्रा के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।