मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर अपने तेवर साफ कर दिए हैं। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जो अधिकारी कार्रवाई में कोताही बरतेंगे या प्रभाव में आकर ढीला रवैया दिखाएंगे, उन्हें तत्काल हटा दिया जाए। महिला अपराधों को लेकर सरकार पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ के मूड में है।
मुख्यमंत्री की दो टूक ढिलाई बर्दाश्त नहीं, तुरंत हटाएं लापरवाह अधिकारी
गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया कि अपराधों, विशेषकर महिला अपराधों पर लापरवाही किसी भी स्तर पर सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अफसर किसी के प्रभाव में आकर संरक्षण की स्थिति में दिखे, तो वह मैदान में रहने लायक नहीं है। उसे तत्काल हटाया जाए।
डीजीपी को मिली जिम्मेदारी– रोजाना मांगा जाए अपडेट
मुख्यमंत्री ने डीजीपी कैलाश मकवाना को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों में एसपी से रोजाना की कार्रवाई की रिपोर्ट ली जाए। भोपाल, जबलपुर, गुना, उज्जैन समेत कई जिलों में हाल ही में हुई घटनाओं पर नाराज़गी जाहिर करते हुए सीएम ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
शिक्षण संस्थानों में 'रोको-टोको' अभियान रहेगा जारी
शैक्षणिक परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सीएम ने संस्थान प्रमुखों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को समय पर देना उनकी जिम्मेदारी है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो लापरवाह संस्थानों पर भी कार्रवाई होगी।
अच्छा काम करने वालों को इनाम, मिल सकता है आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
जहां एक ओर सीएम ने लापरवाह अफसरों को फटकार लगाई, वहीं बालाघाट सहित कई जिलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस अफसरों को जल्द आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिलने के संकेत भी दिए। बताया जा रहा है कि गुरुवार को इसको लेकर बड़ा कार्यक्रम आयोजित हो सकता है।
बैठक में शीर्ष अधिकारी मौजूद
इस अहम बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना, स्पेशल डीजी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, सीएस अनुराग जैन और एसीएस डॉ. राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में महिला अपराध नियंत्रण को लेकर प्रजेंटेशन भी पेश किया गया।