भोपाल से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है, जहां मध्य प्रदेश सरकार 25 साल पुराने नियम में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब 2 से ज्यादा बच्चों वाले उम्मीदवारों को भी सरकारी नौकरी के लिए पात्र बनाया जा सकता है। इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। अगर मंजूरी मिलती है, तो हजारों उम्मीदवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
2 से ज्यादा बच्चों पर पाबंदी हटाने की तैयारी
मध्य प्रदेश सरकार अब दो बच्चों की शर्त को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि अधिक बच्चों वाले अभ्यर्थियों को भी अब सरकारी सेवाओं में आवेदन का मौका मिलेगा। इससे लंबे समय से प्रतिबंध झेल रहे युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
वरिष्ठ समिति से मिल चुकी मंजूरी
बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विधि विभाग से परामर्श के बाद तैयार किया गया यह प्रस्ताव अब अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। सरकार इसे एक बड़े प्रशासनिक सुधार के तौर पर देख रही है।
पहले क्या था नियम
प्रदेश में लंबे समय से यह नियम लागू था कि जिन अभ्यर्थियों के दो से ज्यादा बच्चे हैं, वे सरकारी नौकरी के पात्र नहीं होंगे। यह प्रावधान जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इसके चलते कई योग्य उम्मीदवार सरकारी सेवाओं से वंचित रह गए थे।
पुराने नियम का असर
इस नियम का असर केवल नए उम्मीदवारों तक सीमित नहीं था, बल्कि पहले से कार्यरत कर्मचारियों पर भी पड़ता था। तीसरी संतान होने पर कई मामलों में कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। खासतौर पर शिक्षक और अन्य विभागों के कर्मचारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था।
अन्य राज्यों में पहले ही हट चुकी पाबंदी
देश के कुछ अन्य राज्यों में पहले ही इस तरह की पाबंदियों को खत्म किया जा चुका है। अब मध्य प्रदेश भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो यह राज्य के रोजगार नियमों में एक बड़ा बदलाव साबित होगा और हजारों युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।