मध्य प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों को आवंटित करीब 419 एकड़ जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का कहना है कि जिन परियोजनाओं पर तय समय के भीतर काम शुरू नहीं हुआ, उनकी जमीन अब नए और गंभीर निवेशकों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि प्रदेश में निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिल सके।
औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में वर्षों पहले विभिन्न कंपनियों को निवेश और रोजगार सृजन के वादों के आधार पर भूमि आवंटित की गई थी। अब उद्योग विभाग ने इन परियोजनाओं की समीक्षा के बाद पाया कि कई स्थानों पर तय समय सीमा के भीतर कार्य शुरू नहीं हो सका। इसी के चलते लगभग 419 एकड़ औद्योगिक भूमि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का उद्देश्य इन भूखंडों का दोबारा उपयोग कर नए निवेशकों को अवसर देना है।
पंतजलि परियोजना पर अंतिम नोटिस
उद्योग विभाग के अनुसार पंतजलि को वर्ष 2017 में करीब 40 एकड़ भूमि फूड पार्क स्थापित करने के लिए आवंटित की गई थी। प्रस्ताव में 500 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 5,000 लोगों को रोजगार देने का दावा किया गया था। साथ ही फूड प्रोसेसिंग और पास्ता निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना भी शामिल थी। हालांकि, लंबे समय बाद भी परियोजना शुरू नहीं होने पर कंपनी को अंतिम नोटिस जारी कर भूमि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रिलायंस की प्रस्तावित परियोजना भी नहीं पहुंची धरातल पर
पीथमपुर में रिलायंस को लगभग 200 एकड़ भूमि रक्षा उत्पादन, डेटा सेंटर और अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आवंटित की गई थी। प्रस्तावित परियोजना में बड़े निवेश का दावा किया गया था और निर्धारित समय के भीतर उत्पादन शुरू करने की शर्त भी रखी गई थी। लेकिन तय अवधि के बाद भी परियोजना शुरू नहीं होने पर सरकार ने आवंटित भूमि के बड़े हिस्से को निरस्त कर अन्य निवेशकों को देने की तैयारी शुरू कर दी है।
जापानी निवेशकों के लिए आरक्षित भूमि भी खुलेगी नए प्रस्तावों के लिए
पीथमपुर में जापानी और दक्षिण-पूर्व एशियाई ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए करीब 178 एकड़ भूमि आरक्षित रखी गई थी। वर्ष 2019 में विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र का दौरा भी किया था, लेकिन इसके बाद कोई बड़ा औद्योगिक प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सका। अब सरकार इस भूमि को भी नए निवेश प्रस्तावों के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
निष्क्रिय परियोजनाओं पर लगातार नजर, नए निवेश को मिलेगा अवसर
उद्योग विभाग केवल पीथमपुर तक सीमित नहीं है। इससे पहले इंदौर सुपर कॉरिडोर पर आवंटित भूमि का एक हिस्सा भी वापस लिया जा चुका है। अन्य निष्क्रिय परियोजनाओं को भी नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार आगामी निवेश सम्मेलनों से पहले पूरे प्रदेश में खाली पड़े औद्योगिक भूखंडों की समीक्षा कर रही है, ताकि वास्तविक निवेशकों को भूमि उपलब्ध कराकर उद्योगों की स्थापना और रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।