मध्य प्रदेश सरकार 8 और 9 दिसंबर को दो दिनों तक खजुराहो से ही शासन संचालन करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे मंत्रिमंडल के साथ यहां प्रवास करेंगे, जहां योजनाओं की समीक्षा से लेकर बड़े नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। इसी दौरान लाड़ली बहना योजना की दिसंबर किस्त भी जारी होगी, जिससे 1.26 करोड़ से अधिक बहनों को सीधा लाभ मिलेगा। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन पहले से अलर्ट मोड पर है।
खजुराहो में दो दिवसीय शासन संचालन
खजुराहो के विशेष प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव कैबिनेट बैठकें, विभागीय समीक्षा और विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर मंथन करेंगे। मंत्रिमंडल के साथ यह दो दिन प्रदेश की प्रशासनिक गति को मजबूत करने और योजनाओं को धरातल पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अहम माने जा रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने इस आयोजन के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी है।
सुबह जंगल सफारी और फिर महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक
9 दिसंबर की सुबह मुख्यमंत्री पन्ना टाइगर रिजर्व और आसपास के पर्यटन स्थलों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे कैबिनेट बैठक में शामिल होंगे, जहां औद्योगिक नीति, एमएसएमई, राजस्व, नगरीय प्रशासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, खनिज और आदिवासी कल्याण सहित कई विभागों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा सीसीआईपी की बैठक और विभिन्न विभागों के कार्यों का आकलन भी किया जाएगा।
विकास कार्यों का भूमि-पूजन व लोकार्पण
सीएम यादव इस प्रवास के दौरान 27,055 लाख रुपये के कुल 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 24,010 लाख रुपये के 20 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। राजनगर में लगने वाले विकास प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा क्षेत्रीय प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। यह दौरा पर्यटन, अवसंरचना और ग्रामीण विकास की दिशा में नई गति देने वाला माना जा रहा है।
लाड़ली बहना सम्मेलन में जारी होगी किस्त
9 दिसंबर को राजनगर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री 1.26 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में सीधे दिसंबर किस्त जारी करेंगे। योजना जारी होने के बाद से ही यह कार्यक्रम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमुख माध्यम बन चुका है। किस्त वितरण के मद्देनज़र प्रशासन ने व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता में रखा है ताकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सम्पन्न हो सके।
प्रशासनिक तैयारियों का उच्चस्तरीय निरीक्षण
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने ओरछा में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समय पर और उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया।