मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत उम्मीदवारों को अब अलग-अलग पदों के लिए बार-बार परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। एक बार परीक्षा देकर अभ्यर्थी अपनी पात्रता तय कर सकेंगे और मेरिट के आधार पर विभागीय भर्तियां होंगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी है और नियमों में एकरूपता लाने के लिए संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सितंबर से लागू किया जा सकता है।
साल में सीमित बार होंगी परीक्षाएं
सूत्रों के अनुसार, सितंबर से राज्य लोक सेवा आयोग साल में केवल 5 बार परीक्षाएं आयोजित करेगा। इसी तरह कर्मचारी चयन मंडल भी चार से पांच परीक्षाएं ही लेगा। इसके बाद मेरिट सूची बनाई जाएगी, जिसके आधार पर विभाग अपनी रिक्तियों के लिए चयन करेंगे।
रिक्त पदों की भर्ती की समय सीमा तय
सीएम के निर्देश के अनुसार, सभी विभागों को तय समय सीमा में रिक्त पद भरने होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के नियमों का अध्ययन करके भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
2028 तक ढाई लाख से अधिक पदों पर भर्ती
सरकार ने 2028 तक ढाई लाख से अधिक रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती की योजना बनाई है। इनमें सबसे अधिक भर्तियां 2026-27 में होने की संभावना है। इससे लंबे समय से बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और भर्ती प्रक्रिया तेज होगी।