किसानों को जंगली जानवरों के हमलों और खेतों में जलभराव से होने वाले नुकसान से बड़ी राहत मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में दो बड़े बदलाव करते हुए सरकार ने अब इन दोनों जोखिमों को बीमा कवरेज में शामिल कर दिया है। अब हाथी, जंगली सूअर, नीलगाय, बंदर और अन्य जानवरों के कारण फसल को हुए नुकसान पर भी किसानों को मुआवजा मिलेगा। साथ ही बारिश या बाढ़ से होने वाला जलभराव भी अब बीमा में कवर होगा।
जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान अब बीमा में शामिल
देशभर के किसान लंबे समय से जंगली जानवरों के हमलों की वजह से भारी नुकसान झेलते रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत इसे ‘ऐड-ऑन कवर’ में रखा गया है। राज्य सरकारें प्रभावित जिलों और जानवरों की सूची तय करेंगी। इससे वन क्षेत्र और पहाड़ी इलाकों के आसपास रहने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
जलभराव से बर्बाद फसलों को भी मिलेगा मुआवजा
धान और अन्य फसलों के खेतों में पानी भरने से हर साल करोड़ों का नुकसान होता है। अब इसे स्थानीयकृत आपदा का दर्जा दिया गया है। विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के आधार पर नए नियम सुनिश्चित करेंगे कि जलभराव से प्रभावित किसानों को समय पर बीमा राशि मिले।
नुकसान की सूचना 72 घंटों में देना अनिवार्य
किसान को फसल नुकसान की जानकारी 72 घंटे के भीतर बीमा ऐप पर जियो-टैग्ड फोटो के साथ दर्ज करनी होगी। इससे निरीक्षण प्रक्रिया तेज होगी और भुगतान में देरी कम होगी। यह प्रावधान पारदर्शिता और त्वरित सहायता सुनिश्चित करेगा।
इन राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा
मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों के किसान इस फैसले से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे, क्योंकि इन क्षेत्रों में जंगली जानवरों और जलभराव से नुकसान के मामले अधिक आते हैं।
रबी 2025-26 के लिए पंजीकरण जरूरी
रबी सीजन 2025-26 के लिए फसल बीमा पंजीकरण 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। किसान योजना के बारे में अधिक जानकारी पोर्टल पर देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।