मध्य प्रदेश में मानसून पूरे शबाब पर है और आने वाले चार दिन भारी बारिश लेकर आएंगे। मौसम विभाग ने प्रदेश के 28 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं और नदी-नाले उफान पर हैं। 5 से 8 जुलाई तक भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर समेत कई जिलों में 8 इंच तक बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
प्रदेश में चार मौसम प्रणालियां सक्रिय, भारी बारिश की आशंका बढ़ी
वर्तमान में मध्यप्रदेश में मानसून द्रोणिका सहित चार अलग-अलग सिस्टम एक्टिव हैं। बीकानेर से बंगाल की खाड़ी तक फैली मानसून ट्रफ, हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में मौसमीय दबाव के कारण भारी वर्षा हो रही है। इससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
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इन जिलों में 8 इंच तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर, मंडला, बालाघाट, कटनी, दमोह, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम और नरसिंहपुर जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर अत्यधिक वर्षा की संभावना है। यहां 7-8 इंच तक पानी गिर सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
ग्वालियर से शहडोल तक 28 जिलों में अलर्ट
ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा जैसे जिलों में भी भारी वर्षा के आसार हैं। इन इलाकों में प्रशासन ने बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है।
तटीय और निचले क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी
प्रदेश के तटवर्ती और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग और प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति में राहत टीमों को तत्काल मदद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।