
मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने सबसे प्रचंड रूप में पहुंच गया है। राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों (29 से 31 जुलाई) के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। रायसेन, हरदा और नर्मदापुरम जैसे जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की जा चुकी है।
रेड अलर्ट: इन जिलों में खतरे का संकेत
मौसम विभाग ने रायसेन, नर्मदापुरम और हरदा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अगले 48 घंटों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, खंडवा, देवास, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। प्रदेश के बड़े जलाशयों में जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। तवा डैम के 9 और सतपुड़ा डैम के 5 गेट खोल दिए गए हैं। नर्मदा नदी भी उफान पर है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति और खराब हो सकती है। भोपाल के बड़ा तालाब का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।
जनजीवन पर असर, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
विदिशा जिले में ग्यारसपुर की एक बच्ची और उसका भाई पानी में बहने लगे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने समय रहते बचा लिया। अशोकनगर में 60 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है। मुरैना में एक सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा भारी बारिश में ढह गया। कई जिलों में सड़कों पर दो फीट तक पानी भर चुका है, जिससे यातायात पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिम हिस्से में बने लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन के कारण अगले दो दिन राज्यभर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होगी। बंगाल की खाड़ी से उठती नमी की वजह से बारिश का यह सिलसिला तेज बना रहेगा।
सावधानी ही सुरक्षा है
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों, डैम और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। प्रशासन सतर्क है और आपदा प्रबंधन दलों को एक्टिव कर दिया गया है। स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है।