NEET-UG 2025 परीक्षा को लेकर छात्रों की तरफ से दायर 90 याचिकाओं पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई उस समय चर्चा में आ गई जब कोर्ट रूम की लाइट बंद कर दी गई। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने परीक्षा में बिजली न होने की शिकायतों को समझने के लिए खुद कोर्ट रूम में अंधेरा करवा दिया और लगभग 13 मिनट तक बिना बिजली के ही बहस सुनी। यह अनोखा दृश्य न सिर्फ कोर्ट की संवेदनशीलता को दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्यायालय वास्तविकता को करीब से समझना चाहता है। इस दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
NEET-UG 2025 में बिजली न होने पर उठे सवाल
NEET-UG 2025 परीक्षा के दौरान कई छात्रों को परीक्षा केंद्रों में बिजली न होने की वजह से दिक्कतें आई थीं। इसी आधार पर 90 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गईं, जिन पर सोमवार को अंतिम सुनवाई हुई। छात्रों की ओर से बताया गया कि परीक्षा के दिन 4 मई को तेज आंधी, बारिश और अंधेरा होने के कारण पर्याप्त रोशनी नहीं थी, जिससे परीक्षा देने में कठिनाई हुई।
कोर्ट रूम में बंद की गई लाइट, अंधेरे में हुई सुनवाई
इस मुद्दे पर सुनवाई के दौरान जब छात्रों की ओर से यह कहा गया कि परीक्षा के दौरान रोशनी पर्याप्त नहीं थी, तो जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने आदेश दिया कि कोर्ट रूम की लाइट बंद की जाए। फिर 13 मिनट तक अंधेरे में ही बहस सुनी गई। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि बिना रोशनी के कार्य करना कितना कठिन होता है। यह प्रयोग कोर्ट की निष्पक्षता और गहराई से जांच की भावना को दर्शाता है।
सरकार की तरफ से NTA का बचाव, छात्रों ने पेश किए वीडियो
NTA की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वर्चुअली दलील दी कि परीक्षा में इस बार बेहतर परिणाम आए हैं और बड़ी संख्या में छात्र पास हुए हैं। इसलिए इन याचिकाओं को खारिज किया जाना चाहिए। दूसरी ओर छात्रों की तरफ से वकील मृदुल भटनागर ने परीक्षा केंद्रों के वीडियो पेश किए और बताया कि 4 मई को पर्यावरणीय परिस्थितियां परीक्षा के अनुकूल नहीं थीं।
कोर्ट ने कहा- "बात सही है, इसलिए लाइट बंद करवाई"
जज ने सुनवाई के दौरान कहा कि छात्रों की बात समझने के लिए लाइट बंद कर दी गई, ताकि यह अनुभव किया जा सके कि बिना पर्याप्त रोशनी के काम करना कितना मुश्किल है। इसके बाद कोर्ट ने सभी दलीलें सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया।
अब अगली सुनवाई 30 जून को
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई और अंतिम निर्णय 30 जून 2025 को दिया जाएगा। छात्र समुदाय को इस फैसले का बेसब्री से इंतजार है क्योंकि इससे NEET परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।