इंदौर में सामने आए हनीट्रैप-2 मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। शराब कारोबारी को धमकाने से शुरू हुई जांच अब बड़े राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी नेटवर्क तक पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। दिल्ली से इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारियों ने इंदौर पुलिस से केस की पूरी रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद यह मामला और हाईप्रोफाइल बन गया है।
दिल्ली तक जुड़े नेटवर्क की जांच
हनीट्रैप-2 मामले में जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं हैं। प्रदेश के कई बड़े नेता, मंत्री, ब्यूरोक्रेट्स और कारोबारी कथित तौर पर जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। वहीं दिल्ली तक कुछ प्रभावशाली लोगों के संपर्क सामने आने के बाद आईबी ने भी पूरे घटनाक्रम में रुचि दिखाई है। गुरुवार को केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने इंदौर पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को दबोचा
मामले में क्राइम ब्रांच ने सागर निवासी रेशू उर्फ अभिलाषा और इंदौर पुलिस के इंटेलिजेंस विंग में पदस्थ हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया है। देर रात मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दोनों को 25 तारीख तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया। इससे पहले पुलिस कथित मास्टरमाइंड श्वेता जैन सहित कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां अब इन आरोपियों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
जांच के दौरान सामने आया है कि रेशू का राजनीतिक और सामाजिक दायरा काफी बड़ा था। वह सागर से लेकर भोपाल, उज्जैन, इंदौर और दिल्ली तक प्रभावशाली लोगों के संपर्क में रही। बताया जा रहा है कि वह पहले एक राजनीतिक संगठन से भी जुड़ी रही थी। इसी दौरान उसने कई रसूखदार लोगों से नजदीकियां बढ़ाईं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल किस तरह प्रभावशाली लोगों को फंसाने और दबाव बनाने के लिए किया गया।
विदेश से लौटने के बाद बढ़ा प्रभाव
जानकारी के अनुसार रेशू मूल रूप से सागर के मकरोनिया क्षेत्र की रहने वाली है। पढ़ाई के दौरान वह ओमान गई थी, जहां उसने एक व्यापारी से शादी की थी। बाद में तलाक के बाद वह वापस सागर लौट आई। यहां आने के बाद उसने राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाई। कटरा बाजार इलाके में यूपीएससी कोचिंग सेंटर भी शुरू किया। इसी दौरान उस पर कुछ लोगों के साथ धोखाधड़ी के आरोप भी लगे।
बड़े खुलासों की संभावना
पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक लेनदेन, कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। केस के हाईप्रोफाइल होने के कारण जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता के साथ हर पहलू पर काम कर रही हैं।