मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही वायरल बीमारियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बदलते मौसम और गिरते तापमान के चलते सर्दी-जुकाम, खांसी और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों ने दस्तक दे दी है। इंदौर के MY हॉस्पिटल सहित कई निजी अस्पतालों में वायरल संक्रमण और निमोनिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस संक्रमण से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को है। इसीलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। आइए जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय।
बदलते मौसम में वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा
प्रदेशभर में तापमान का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में वातावरण में वायरस सक्रिय हो जाते हैं, जिससे लोगों का इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण आम हो गए हैं। MYH और अन्य अस्पतालों की ओपीडी में हर दिन इन्फ्लूएंजा और निमोनिया के सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं।
कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वालों के लिए ज्यादा खतरनाक
डॉक्टरों के अनुसार, जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है या जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज या हृदय की समस्या है, उनके लिए यह वायरस गंभीर रूप ले सकता है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों में संक्रमण जल्दी फैलता है और तेजी से बढ़ता है।
इन्फ्लूएंजा के लक्षण पहचानें, लापरवाही न करें
मौसम बदलने के साथ-साथ कुछ लक्षण सामने आते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:
अचानक तेज बुखार आना
खांसी और गले में खराश
सिर दर्द और पूरे शरीर में दर्द
थकावट और कमजोरी महसूस होना
ठंड लगना या पसीना आना
बच्चों में उल्टी या दस्त
कैसे करें बचाव? अपनाएं ये जरूरी उपाय
हाथों की साफ-सफाई बनाए रखें और समय-समय पर धोते रहें।
भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें, खासकर जब मौसम ज्यादा नमी भरा हो।
संतुलित और ताजा भोजन लें, फास्ट फूड से परहेज करें।
पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें।
यदि कोई लक्षण दिखाई दें तो खुद इलाज न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।