DOCTORS PROTEST: मध्यप्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल समेत प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इंटर्न डॉक्टर मौजूदा ₹14,337 स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग पर अड़े हैं। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद विवाद और बढ़ गया है। अब डॉक्टरों ने लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
भोपाल में रातभर सड़क पर बैठे इंटर्न डॉक्टर
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन जारी रहा। बड़ी संख्या में MBBS इंटर्न कमला पार्क रोड पर रातभर धरने पर बैठे रहे। आंदोलन का असर हमीदिया अस्पताल की OPD पर भी पड़ा, जहां मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज मिल सके।
₹14,337 से ₹30 हजार स्टाइपेंड की मांग
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें फिलहाल ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹30 हजार किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से बातचीत की है। सरकार की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई से लौटने के बाद स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा और निर्णय की बात कही गई है।
वाटर कैनन के बाद बढ़ा विवाद, जांच के आदेश
इससे पहले सोमवार को प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टर CM हाउस की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। डॉक्टरों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि धक्कामुक्की की स्थिति बनने के बाद वाटर कैनन चलाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर में 200 से ज्यादा इंटर्न्स धरने पर
भोपाल के बाद आंदोलन का असर ग्वालियर में भी दिखाई दिया। जयारोग्य अस्पताल परिसर में 200 से ज्यादा इंटर्न डॉक्टर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में जूनियर डॉक्टर और PG डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हुए। डॉक्टरों ने स्टाइपेंड ₹30 हजार करने के साथ भोपाल में हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। आंदोलन के चलते OPD समेत कई सेवाएं प्रभावित हुईं, जबकि इमरजेंसी सेवा चालू रखी गई।
इंदौर में भी डॉक्टर संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
इंदौर में भी इंटर्न डॉक्टरों और मेडिकल संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जा सकता है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग यही है कि स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी किया जाए और पुलिस कार्रवाई पर भी स्पष्ट निर्णय लिया जाए।