दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े लोगों के संपर्क में थे और देश के संवेदनशील इलाकों की जानकारी साझा कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के निशाने पर धार्मिक स्थल, सैन्य कैंप और भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल थे।
एमपी के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तारी
गिरफ्तार युवकों की पहचान टीकमगढ़ जिले के अनमोल राय, ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर और विवेक बंजारा के रूप में हुई है। स्पेशल सेल की टीम ने तीनों को उनके घरों से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
मोबाइल और सोशल मीडिया से मिले सुराग
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल, विदेशी नंबरों से बातचीत और सोशल मीडिया चैट्स मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक भेजे जा रहे थे। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को इसके बदले क्या मदद या फंडिंग मिल रही थी।
मंदिर और सेना कैंप की रेकी का आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर और हरियाणा के सैन्य कैंप की रेकी की थी। वहां की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस तैनाती और आसपास के इलाकों की जानकारी जुटाकर विदेश भेजी गई थी। पुलिस को शक है कि इन जगहों को निशाना बनाने की तैयारी की जा रही थी।
हाईवे के ढाबे पर हमले की आशंका
जांच में दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक बड़े ढाबे का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक भीड़भाड़ वाले इस स्थान पर हमला करने की योजना बनाई जा रही थी ताकि ज्यादा नुकसान और दहशत फैल सके। फिलहाल एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
ऑपरेशन के दौरान खुला पूरा नेटवर्क
दिल्ली पुलिस के विशेष अभियान के दौरान इस मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्धों को पकड़ा गया था। पूछताछ में मध्यप्रदेश के युवकों की भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई तेज की गई। अब सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार कनेक्शन, फंडिंग और अन्य संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।