मध्य प्रदेश में तबादलों के अंतिम दिन जेल विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग ने 25 से अधिक अधिकारियों की तबादला सूची जारी करते हुए कई जेल अधीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस सूची में ग्वालियर और भोपाल के जेल अधीक्षकों के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। दोनों अधिकारी हाल के दिनों में अलग-अलग कारणों से सुर्खियों में रहे थे, जिसके बाद हुए तबादलों ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
ग्वालियर जेल अधीक्षक का हुआ तबादला
तबादला सूची में ग्वालियर के जेल अधीक्षक विदित सिरवैया का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। उन्हें ग्वालियर से हटाकर सर्किल जेल शिवपुरी का प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है। हाल ही में उनके द्वारा ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ वीडियो भेजकर उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई और रकम नहीं देने पर वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की धमकी दी गई थी।
भोपाल जेल अधीक्षक को मिली नई जिम्मेदारी
भोपाल जेल अधीक्षक राकेश भांगरे को केंद्रीय जेल ग्वालियर का प्रभारी अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उनका नाम उस समय चर्चा में आया था, जब कुछ हाईप्रोफाइल बंदियों को जेल के भीतर कथित तौर पर विशेष सुविधाएं दिए जाने के आरोप लगे थे। इस मामले ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे।
हाईप्रोफाइल बंदियों को लेकर बढ़ी थी चर्चा
परिवहन विभाग से जुड़े चर्चित मामले के आरोपी सौरभ शर्मा और पूर्व जज गिरिबाला सिंह सहित अन्य हाईप्रोफाइल बंदियों को लेकर जेल प्रशासन लगातार सुर्खियों में रहा। इन मामलों के सामने आने के बाद जेलों में वीआईपी सुविधाओं और नियमों के पालन को लेकर बहस तेज हो गई थी। ऐसे में इन तबादलों को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
25 से ज्यादा अधिकारियों को मिली नई पदस्थापना
जेल विभाग की जारी सूची में 25 से अधिक अधिकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। विभाग का उद्देश्य विभिन्न जेलों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और कार्यप्रणाली में संतुलन स्थापित करना माना जा रहा है। नई पदस्थापनाओं के बाद अब यह देखना होगा कि जेल प्रशासन में सुधार और पारदर्शिता को लेकर क्या बदलाव दिखाई देते हैं।