mp-kisan- में इन दिनों खाद संकट गहराता जा रहा है। कई जिलों में किसान यूरिया के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जबलपुर के शाहपुरा में एक किसान ने खाद नहीं मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी है। उधर, विधानसभा में कृषि मंत्री ने दावा किया कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है। एक ओर किसानों को लाइन में लगना पड़ रहा है, दूसरी ओर सरकार आंकड़ों के जरिए स्थिति सामान्य बताने की कोशिश कर रही है।
खाद नहीं मिलने से किसान परेशान
प्रदेश के कई हिस्सों में यूरिया और अन्य खादों की भारी कमी देखी जा रही है। जबलपुर के शाहपुरा में एक किसान ने कहा कि वह खाद नहीं मिलने से परेशान है और अगर जल्द यूरिया नहीं मिली तो आत्महत्या कर लेगा। किसान का आरोप है कि टोकन मिलने के बावजूद डेढ़ महीने से खाद नहीं मिल रही और कालाबाजारी जोरों पर है।
केंद्रीय मंत्री ने जताई सख्ती
खाद संकट पर केंद्रीय मंत्री ने भी सख्त रुख अपनाया है। रायसेन के लिए 2500 मीट्रिक टन और सिलवानी क्षेत्र के लिए 600 मीट्रिक टन खाद का विशेष आवंटन किया गया है। मंत्री ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी या नकली खाद बेचने वालों को जेल भेजा जाएगा।
सदन में उठा मुद्दा, लेकिन मिला संतोषजनक जवाब नहीं
विधानसभा में खाद संकट पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के विधायक असंतुष्ट नजर आए। बीजेपी विधायक ने कहा कि मांग के समय निजी दुकानों को खाद भेजी जाती है जबकि सहकारी समितियों को बाद में मिलता है। मंत्री ने हालांकि दावा किया कि राज्य के पास 14 लाख मीट्रिक टन खाद मौजूद है।