मध्य प्रदेश में 1 दिसंबर को होने वाली अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती इस बार बेहद भव्य स्वरूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों में एक साथ श्रीमद्भगवद्गीता पाठ को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, कॉलेजों और आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। गीता ज्ञान के प्रसार को समाज की सकारात्मक सोच और व्यवहार में बदलाव का अवसर बताया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने समत्व भवन से जिले के कलेक्टर्स, पुलिस अधिकारियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान गीता जयंती पर आयोजित होने वाले राज्यव्यापी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में गीता पाठ कार्यक्रम सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण और अधिकतम जनसहभागिता के साथ संपन्न हों।
स्कूल–कॉलेजों में वितरित होंगी गीता की प्रतियां
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि गीता के विभिन्न अध्यायों की संस्कृत और हिंदी प्रतियां स्कूल, कॉलेज और आम नागरिकों तक पहुँचाई जाएं। इसके साथ ही गीता आधारित क्विज, वाद-विवाद और ज्ञान प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी बल दिया गया। उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान के प्रसार से समाज में सकारात्मकता और नैतिकता की सोच मजबूत होती है।
ऑनलाइन गीता ज्ञान प्रतियोगिता: 28 नवंबर तक प्रवृष्टि
राज्य में चल रही ऑनलाइन गीता ज्ञान प्रतियोगिता के लिए अंतिम पंजीयन तिथि 28 नवंबर तय की गई है। प्रतियोगिता में तीन श्रेणियों—विद्यार्थी, सामान्य और वरिष्ठ—के लिए अलग-अलग पुरस्कार रखे गए हैं, जिन्हें 26 जनवरी 2026 को प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि जिले में अधिक से अधिक लोगों को इन प्रतियोगिताओं से जोड़ा जाए।
1 दिसंबर को पूरे प्रदेश में 15वें अध्याय का पाठ
राज्य भर में विकासखंड, जिला मुख्यालय और संभागीय मुख्यालयों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक पाठ होगा।इस आयोजन का उद्देश्य है कि भगवान श्रीकृष्ण के लोककल्याणकारी संदेश को अधिकाधिक लोग समझें और जीवन में अपनाएं। वीर भारत न्यास द्वारा भी गीता पाठ और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।