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MP Metropolitan Bill 2025: मध्यप्रदेश सरकार ने शहरी विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने के लिए विधानसभा में 'मप्र महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025' पेश किया है। इसके अंतर्गत कुल 9 जिलों को दो प्रमुख मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में शामिल किया जाएगा, जिससे समेकित विकास, आधारभूत ढांचे और परिवहन व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।
किन
जिलों को जोड़ा जाएगा
मेट्रो रीजन में?
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन: भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़
इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन: इंदौर, उज्जैन, देवास और धार
यह मॉडल दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों की तर्ज पर होगा, जिससे एकीकृत विकास और योजना का कार्य सुचारु रूप से हो सकेगा।
क्या
होंगे प्रावधान?
मुख्यमंत्री होंगे अध्यक्ष
मेट्रो अथॉरिटी के तीन मंत्री (नगरीय, पंचायत, राजस्व) होंगे उपाध्यक्ष
महानगर आयुक्त होंगे कार्यकारी समिति के अध्यक्ष
विकास योजनाओं के अनुमोदन का अधिकार अब मेट्रो अथॉरिटी के पास होगा
निजी और सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए अनुमति की प्रक्रिया तय
स्थानीय निकाय भवन अनुज्ञा जारी करते रहेंगे
डेवलपमेंट
प्लान और परिवहन नीति
प्रस्तावित प्लान कम से कम 15 वर्षों के लिए बनाया जाएगा। इसमें इन बिंदुओं पर विशेष फोकस होगा:
आवास, औद्योगिक क्षेत्र, यातायात, पर्यटन, जल आपूर्ति
भूमि उपयोग नीति, हरित क्षेत्र संरक्षण, बंजर और कृषि भूमि की उपयोगिता
एकीकृत परिवहन प्राधिकरण का गठन कर सार्वजनिक परिवहन को सुगम बनाया जाएगा
विकास अनुज्ञा के उल्लंघन पर कार्रवाई
यदि
किसी प्रोजेक्ट में मेट्रो अथॉरिटी
से बिना अनुमति निर्माण
किया गया या अनुमोदन
की शर्तों का उल्लंघन हुआ,
तो अथॉरिटी स्वयं वह विकास कार्य
पूर्ण करेगी और पूरा खर्च
वसूलेगी।
200 करोड़ की आरंभिक पूंजी से बनेगी मेट्रो फंड
विकास शुल्क, प्रभार व अन्य वित्तीय संसाधनों को मिलाकर एक 'महानगर विकास निधि' तैयार की जाएगी। इससे शहरों के विस्तृत विकास कार्यों को गति मिलेगी।