मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार प्रदेश के बड़े शहरों को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने जा रही है। जल्द ही जबलपुर और ग्वालियर भी इस सूची में शामिल होंगे। इसके साथ ही कई हाई-स्पीड कॉरिडोर और नए एक्सप्रेस-वे का विस्तार प्रदेश में तेज रफ्तार विकास का रास्ता खोलने वाला है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
मेट्रोपॉलिटन घोषित होंगे नए शहर
प्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने के लिए जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित करने की योजना तैयार की जा रही है। सरकार चाहती है कि इन शहरों के आसपास के शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को भी समान रूप से मजबूत अधोसंरचना का लाभ मिले। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ये क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जुड़ सकें।
राजमार्गों का बढ़ेगा घनत्व
समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में राजमार्गों का घनत्व बढ़ाया जाए। इससे न सिर्फ ट्रैफिक बेहतर होगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया गया है कि प्रस्ताव इस तरह तैयार किए जाएं जिसमें शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की जरूरतें शामिल हों।
हाई-स्पीड कॉरिडोर और नए एक्सप्रेस-वे
प्रदेश में पहली बार राज्य वित्त पोषित एक्सप्रेस-वे मॉडल पर कई बड़ी परियोजनाएँ शुरू होने जा रही हैं। उज्जैन-इंदौर, इंदौर-उज्जैन और भोपाल पूर्वी बायपास जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। वहीं सतना–चित्रकूट, रीवा–सीधी, बैतूल–खंडवा–इंदौर और जबलपुर–झलमलवाड़ा हाईवे का भी विस्तार होगा। इन परियोजनाओं से शहरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
ग्रीन बिल्डिंग और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर
सरकार ने भवन निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा लागू करने पर भी जोर दिया है, ताकि नए निर्माण ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल हों। निरीक्षण और मॉनिटरिंग के लिए ‘लोकपथ ऐप’ में सड़कों की स्थिति रियल टाइम अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सिस्टम अधोसंरचना विकास की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।
2027 तक पूरी होंगी बड़ी परियोजनाएं
सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही जारी की जा चुकी है और दिसंबर तक इन पर काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी बड़े प्रोजेक्ट जून 2027 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी को नई पहचान मिले।