मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की दस्तक का इंतजार लंबा होता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में बदलाव जरूर देखा जा रहा है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। वहीं सामान्य से कम बारिश होने से खेती-किसानी और दैनिक जीवन पर इसका असर भी दिखने लगा है।
मानसून की रफ्तार कमजोर हवाओं से प्रभावित
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति फिलहाल अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। अरब सागर से आने वाली हवाओं की स्थिति कमजोर होने से मानसून की चाल सुस्त पड़ी हुई है। वर्तमान में मानसून तेलंगाना क्षेत्र के आसपास सक्रिय है और मौसम की परिस्थितियां अनुकूल होने पर अगले कुछ दिनों में इसकी गति बढ़ सकती है। अनुमान है कि 25 जून के आसपास यह मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे
जून महीने में अब तक प्रदेश में बारिश का स्तर सामान्य आंकड़ों से काफी नीचे बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में औसतन 44 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के अधिकांश जिले सामान्य वर्षा की तुलना में पीछे चल रहे हैं, जिससे मौसम को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाई दिया
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई संभागों में कम बारिश का असर अधिक देखने को मिल रहा है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्सों में भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है और कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।
खेती-किसानी पर बढ़ने लगा असर
बारिश की कमी का सीधा असर खेतों तक पहुंचने लगा है। खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई कई क्षेत्रों में प्रभावित हो रही है। सोयाबीन, मूंग, उड़द और तुअर जैसी फसलों की बुवाई का समय आगे खिसक सकता है। जिन क्षेत्रों में शुरुआती बोवनी हो चुकी है, वहां भी बीजों को नुकसान की आशंका बढ़ रही है।
इन जिलों में गर्मी और उमस करेगी परेशान
प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और खरगोन समेत कई जिलों में मौसम का असर बना रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश से तापमान में मामूली राहत मिल सकती है।