mp monsoon session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी सियासी गर्मी से भरा रहा। लाडली बहना योजना को लेकर सवाल-जवाब के बीच विपक्ष के अनोखे प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। कांग्रेस विधायकों ने किसानों की समस्याओं को लेकर विधानसभा भवन के बाहर सांकेतिक रूप से ‘भैंस’ के आगे ‘बीन’ बजाकर विरोध जताया। दो विधायकों को भैंस के रूप में दिखाया गया और कहा गया कि सरकार की तरह अन्नदाता भी अब अनसुनी कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए उनके इस प्रदर्शन को ‘मर्यादा की सीमा से बाहर’ बताया।
लाडली बहना योजना पर उठा सवाल
सत्र की शुरुआत में ही विधायक अनुभा मुंजारे ने लाडली बहना योजना के तहत कैलेंडर वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बालाघाट जिले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब देते हुए बताया कि 3.61 लाख में से 1.64 लाख कैलेंडर का वितरण नहीं हुआ है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
किसानों को खाद नहीं मिल रही, कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस विधायकों ने खाद संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार अन्नदाताओं की अनदेखी कर रही है। इसी के विरोध में उन्होंने ‘भैंस के आगे बीन’ बजाने जैसा प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जैसे भैंस बीन नहीं सुनती, वैसे ही सरकार किसानों की मांगें नहीं सुन रही।
मुख्यमंत्री का जवाब– "कभी गिरगिट, कभी भैंस"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष के प्रदर्शन पर चुटकी लेते हुए कहा, “कभी गिरगिट लेकर आते हैं, कभी भैंस लेकर आते हैं। आज नागपंचमी है, शायद इसलिए भैंस लाई गई है। लेकिन यह सदन है, कोई नाटक मंच नहीं।” उन्होंने कांग्रेस विधायकों को याद दिलाया कि वे जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें अपनी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
सदन में गर्म माहौल, जनता की नजरें मुद्दों पर
इस मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार तीखी नोकझोंक जारी है। लाडली बहना योजना से लेकर खाद संकट तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा जा रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह सत्र कितना हल निकाल पाता है।