MP Monsoon Alert: ...मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच अगले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। नगरीय क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी स्थिति से निपटने के लिए राज्य, संभाग और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। प्रशासन को मौसम के अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य से लेकर जिले तक रहेगी सीधी निगरानी
भोपाल में हुई बैठक में नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुश्किल हालात में लोगों की सुरक्षा सबसे ऊपर रहे। तीन स्तरों पर बनाए गए कंट्रोल रूम आपस में समन्वय बनाकर काम करेंगे। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी परियोजना अधिकारियों को दी गई है। ये अधिकारी स्थानीय हालात की लगातार जानकारी लेते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत व्यवस्था शुरू कराएंगे।
मौसम विभाग के अलर्ट पर तुरंत शुरू होगी कार्रवाई
कंट्रोल रूम मौसम विभाग के संपर्क में रहेंगे। बारिश, वज्रपात या बाढ़ की चेतावनी मिलने पर संबंधित क्षेत्रों में प्रशासन को पहले से तैयार रहने के निर्देश हैं। जिन इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है, वहां पंपिंग सेट और दूसरी जरूरी मशीनरी उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया है। उद्देश्य यह है कि जलभराव की स्थिति बनने के बाद संसाधन जुटाने में समय न लगे और पानी की निकासी जल्द शुरू की जा सके।
कम बारिश और ज्यादा बारिश, दोनों पर सरकार की नजर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में कहा कि प्रदेश में मानसून सक्रिय है, लेकिन अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। आगे बारिश बढ़ने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के लिए कम सिंचाई में होने वाली फसलों को प्राथमिकता देने और चने के लिए जरूरी बीज उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही तालाबों के जलस्तर की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ वाले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की तैयारी
निचले इलाकों में पानी भरने या जर्जर भवनों से खतरा पैदा होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। प्रशासन को ऐसे लोगों के लिए भोजन, साफ पीने का पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखने को कहा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन के साथ राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में निर्णय लेने और मदद पहुंचाने में देरी न हो।
मूंग खरीदी में शिकायत मिली तो तत्काल कार्रवाई
बारिश के बीच सरकार की नजर कृषि व्यवस्था पर भी बनी हुई है। अब तक प्रदेश में 2.35 लाख किसानों से 3.46 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की जा चुकी है। अधिकारियों को खरीदी के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और किसानों की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पूरी व्यवस्था के जरिए सरकार का फोकस एक तरफ बारिश से संभावित नुकसान को कम करने और दूसरी ओर किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर है।