मध्य प्रदेश में स्थानीय निकायों और पंचायतों के हजारों पदों पर फिर से चुनावी हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। 8 दिसंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 29 दिसंबर को मतदान होगा। नगरीय निकायों में अध्यक्ष और पार्षदों के पद दांव पर होंगे, जबकि पंचायतों में सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्यों के साथ 3800 से अधिक पंच पदों पर मुकाबला देखने को मिलेगा।
8 दिसंबर से नामांकन, 29 दिसंबर को मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार निकाय और पंचायत उपचुनावों का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। नामांकन 8 दिसंबर से 15 दिसंबर तक लिए जाएंगे। इसके बाद स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होते ही चुनावी मैदान औपचारिक रूप से तैयार हो जाएगा। नगरीय निकायों में इस बार एक अध्यक्ष और 8 पार्षदों के रिक्त पदों पर उपचुनाव होना है। मतदान 29 दिसंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा, जबकि परिणाम 31 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।
पंचायतों में 3872 पंच पदों समेत बड़ी संख्या में उपचुनाव
त्रिस्तरीय पंचायतों में उपचुनाव का दायरा काफी बड़ा है। पंचायत स्तर पर जिला पंचायत सदस्य के 4, जनपद पंचायत सदस्य के 14, सरपंच के 67 और पंच के 3872 पदों पर चुनाव होंगे।
पंचों की मतगणना मतदान के तुरंत बाद होगी, जबकि सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्यों की मतगणना 2 जनवरी की सुबह 8 बजे से विकासखंड मुख्यालयों में शुरू होगी।
जिला पंचायत सदस्यों के नतीजे 5 जनवरी को
पंचायत चुनाव के सबसे अहम पदों में शामिल जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम 5 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक रूप से प्रभावशाली इन पदों पर जीत-हार कई क्षेत्रों के विकास और नेतृत्व को प्रभावित करेगी।
इन उपचुनावों से ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में स्थानीय राजनीति में नई सियासी हलचल होने की पूरी संभावना है।