MONSOON ALERT: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का दौर करीब है, लेकिन इससे पहले एक बार फिर बारिश का दौर लौट सकता है। प्रदेश में फिलहाल ज्यादातर इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना हुआ है। राजधानी भोपाल में दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी बीच मौसम विशेषज्ञों ने करीब दो से तीन दिन बाद नए मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने का अनुमान जताया है, जिसका असर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
फिलहाल बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं
मौसम विज्ञानी वीएस यादव के मुताबिक अभी प्रदेश में कोई बड़ा मौसम सिस्टम सक्रिय नहीं है। मौजूदा लो प्रेशर सिस्टम आगे बढ़ चुका है और ट्रफ लाइन का प्रभाव भी ज्यादा मजबूत नहीं है। हालांकि इसके चलते उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कुछ असर देखने को मिल सकता है। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना कम बताई गई है।
18 सितंबर के बाद बारिश का नया दौर
मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में एक और बारिश का दौर आने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 18 सितंबर के बाद नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इसका असर खासतौर पर मध्यप्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में दिखाई देने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
सितंबर में बारिश की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन अगस्त में अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन जिलों में सीजन की बारिश सामान्य औसत से ज्यादा पहुंच चुकी है। इसके बावजूद पूरे प्रदेश के औसत आंकड़े में अभी कमी बनी हुई है।
4.3 इंच बारिश की और जरूरत
मध्यप्रदेश में आधिकारिक मानसून अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत करीब 37.3 इंच है, जबकि अब तक लगभग 33 इंच बारिश दर्ज हुई है। यानी सामान्य औसत तक पहुंचने के लिए करीब 4.3 इंच बारिश की जरूरत है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में सक्रिय होने वाला सिस्टम प्रदेश के बारिश के आंकड़े पर असर डाल सकता है।