मध्य प्रदेश सरकार अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त रुख अपनाने जा रही है। कई जिलों में लोगों द्वारा झूठी शिकायतें दर्ज कर विभागों को परेशान करने और ब्लैकमेलिंग के मामले सामने आए हैं। एक व्यक्ति द्वारा 100 से अधिक बार फर्जी शिकायत दर्ज कराने की जानकारी मिलने के बाद शासन ने अब ऐसे लोगों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
झूठी शिकायतें करने वालों पर सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे लोगों की पहचान करें जो लगातार झूठी या भ्रामक शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। इन मामलों में कार्रवाई के लिए नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद स्तर पर भी टीम बनाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि कई शिकायतें सिर्फ व्यक्तिगत रंजिश या विभागीय कर्मचारियों को ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से की जाती हैं, जिससे असली शिकायतों की गंभीरता पर असर पड़ता है।
इंदौर, जबलपुर और रीवा में सबसे ज्यादा फर्जी शिकायतें
शहरी विकास और आवास विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर, जबलपुर, रीवा संभाग और खरगोन जिले में फर्जी शिकायतों के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में कुछ लोगों ने बार-बार एक ही विषय पर शिकायत दर्ज कर सिस्टम को गुमराह करने की कोशिश की। अब ऐसे शिकायतकर्ताओं को चिन्हित कर सूची तैयार की जा रही है, जिसे जिला कलेक्टर कार्यालय में भेजा जाएगा।
ब्लैकलिस्ट होंगे फर्जी शिकायतकर्ता
सरकार की योजना है कि लगातार झूठी शिकायतें करने वाले लोगों को ब्लैकलिस्ट किया जाए, ताकि भविष्य में उनकी शिकायतों को प्राथमिकता न दी जाए। इसके साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
प्रशासन का मानना है कि सख्ती से सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी और असली शिकायतकर्ताओं को न्याय मिलना आसान होगा।