मध्य प्रदेश में पहली बार सरकारी नियुक्तियों को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और करप्शन-फ्री बनाने का अनूठा प्रयोग सामने आया है। विधानसभा सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हजारों नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपकर इस नई प्रणाली को औपचारिक रूप से लागू किया। कार्यक्रम के दौरान चयन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेज़ सत्यापन तक हर चरण की पारदर्शिता को राज्य की सुशासन पहल का मजबूत स्तंभ बताया गया।
विधानसभा में हुआ अनोखा आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गांव की सबसे निचली पंक्ति में सेवा देने वाली बहनों को विधानसभा जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच से नियुक्ति पत्र देना अपने आप में ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में वे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और बच्चों को उसी तरह संस्कार दें जैसे यशोदा माँ ने भगवान कृष्ण को दिए थे।
ऑनलाइन पारदर्शी प्रणाली बनी MP का ‘गुड गवर्नेंस मॉडल’
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस नई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त ऑनलाइन नियुक्ति प्रणाली सुशासन की दिशा में बड़ा कदम है।
राज्य में करीब 19,250 रिक्त पदों के लिए 4 लाख से अधिक आवेदन आए थे। इनमें से लगभग 12,075 पदों पर ऑनलाइन योग्यता, मेरिट और डिजिटल प्रक्रिया के आधार पर नियुक्ति पूरी हुई।
डिजिटल चयन प्रक्रिया ने बदला सिस्टम
नई प्रणाली में डॉक्यूमेंट खोने या गुम हो जाने की आशंका समाप्त हो गई है।हर चरण में अपलोडेड दस्तावेज़, डिजिटल सत्यापन और मेरिट-बेस्ड स्कोरिंग से चयन पूरी तरह निष्पक्ष हुआ।इसके साथ ही दावा–आपत्ति और अपील की सुविधा ने प्रक्रिया को और अधिक भरोसेमंद बनाया।
नवनियुक्त बहनों ने देखा सदन, ली कर्तव्यनिष्ठा की शपथ
पूर्व मंत्री द्वारा नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कर्तव्यनिष्ठ रहने की शपथ दिलाई गई। साथ ही मंत्री निर्मला भूरिया ने महिलाओं की भूमिका और पोषण अभियानों में उनके योगदान पर जोर दिया।
नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को अब हर माह लगभग 14 करोड़ रुपए मानदेय के रूप में वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र भी भेंट किया।