UPI PAYMENT CHARGE : मध्यप्रदेश में UPI पेमेंट पर नए शुल्क की व्यवस्था को लेकर पेट्रोल पंप डीलरों ने अपना रुख साफ कर दिया है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, यदि नए नियम के तहत अतिरिक्त लागत लागू होती है तो पेट्रोल पंप संचालक ₹2,000 से ज्यादा का UPI भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। यानी ग्राहकों को ₹1,999 तक का भुगतान UPI से करने की सुविधा मिलेगी, जबकि इससे ज्यादा के भुगतान के लिए दूसरे माध्यम का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
15 अक्टूबर से बदल रहा UPI नियम
NPCI की नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा। सामान्य श्रेणी में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान है। वहीं फ्यूल जैसे सेक्टर के लिए ₹5 का फ्लैट MDR तय किया गया है। ₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट भुगतान और Person-to-Person ट्रांजैक्शन पर शुल्क नहीं होगा।
पेट्रोल पंप डीलरों की क्या दलील?
अजय सिंह ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय होती हैं, इसलिए कारोबारी की तरह पेट्रोल पंप संचालक अतिरिक्त लागत को कीमत में आसानी से शामिल नहीं कर सकते। पेट्रोल पंप का मार्जिन भी सीमित होता है, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का असर कारोबार पर पड़ सकता है।
ग्राहकों के सामने क्या विकल्प?
डीलरों के इस ऐलान के बाद ₹2,000 से ज्यादा का पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहकों को UPI के बजाय नकद या अन्य उपलब्ध भुगतान माध्यम का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि, नया MDR सीधे ग्राहक पर लगाया जाने वाला टैक्स नहीं है; सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़ा शुल्क है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
UPI शुल्क की खबर सामने आने के बाद कारोबारियों और ग्राहकों के बीच इसके असर को लेकर चर्चा तेज है। अलग-अलग व्यापारिक संगठनों ने भी कम मार्जिन वाले कारोबार पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई है।