भोपाल--- राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आयोजित आईजी-एडीजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कानून-व्यवस्था, आतंकवाद, साइबर अपराध और पुलिस भर्ती जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण बातें कहीं। हाल ही में भोपाल में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के खिलाफ हुई एटीएस की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस किसी भी आतंकी या राष्ट्रविरोधी गतिविधि से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा कि यदि "बिल में सपोले घुसेंगे तो उन्हें पकड़ने की क्षमता मध्यप्रदेश पुलिस में है।"
आतंकवाद और सुरक्षा पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि एटीएस और पुलिस की सतर्कता के कारण संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नक्सलवाद और नए कानूनों पर चर्चा
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है।
साइबर अपराध और भर्ती प्रक्रिया पर फोकस
मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध को नई चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और विशेष संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आठ वर्षों बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई है और पुलिस विभाग के रिक्त पदों पर भी जल्द भर्ती की जाएगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद संस्थाओं को दोष देने के बजाय आत्ममंथन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, कानून व्यवस्था और विकास को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।