Police Disciplinary Action : मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों के लिए अब सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाना भारी पड़ सकता है। डीजीपी कैलाश मकवाना ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर रील बनाते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश इसलिए जारी किया गया है क्योंकि बीते कुछ महीनों में प्रदेश के कई जिलों से ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी डांस या एक्टिंग करते हुए वर्दी में नजर आए। अब इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वर्दी में रील बनाना अब नियमों का उल्लंघन
पुलिस की वर्दी एक गरिमा और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। वर्दी में सोशल मीडिया पर रील बनाना, उसे अपलोड करना अब राज्य में सिविल सेवा आचरण संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आएगा। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए इस तरह के कार्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
कार्रवाई के दायरे में आएंगे पुलिसकर्मी
जो भी पुलिसकर्मी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसे कारण बताओ नोटिस, निंदा प्रविष्टि, सेवा पुस्तिका में अनुशासनात्मक प्रविष्टि, विभागीय जांच, तबादले और निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कुछ गंभीर मामलों में बर्खास्तगी तक की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। यह आदेश पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
दूसरे राज्यों में भी हो चुकी है कार्रवाई
उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में भी पुलिसकर्मियों पर इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है। अब मध्य प्रदेश भी इस दिशा में कदम बढ़ा चुका है। डीजीपी ने यह भी कहा है कि अब हर जिले में सोशल मीडिया पर वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
रील संस्कृति पर रोक जरूरी
रील और शॉर्ट वीडियो का क्रेज पुलिस विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा है। कई पुलिसकर्मी वर्दी पहनकर डांस, एक्टिंग या ट्रेंडिंग ऑडियो पर वीडियो बना लेते हैं, जिससे विभाग की गरिमा प्रभावित होती है। यही कारण है कि अब इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया है।