मध्यप्रदेश पुलिस ने अपराधियों पर निगरानी को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ी पहल शुरू की है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की मदद से हर गिरफ्तार व्यक्ति की डिजिटल क्राइम प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इसमें बायोमेट्रिक डेटा, फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन और अन्य जानकारियाँ शामिल हैं। इस सिस्टम से देशभर की जांच एजेंसियाँ जुड़कर तेजी से अपराधियों की पहचान कर सकेंगी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ
डिजिटल क्राइम प्रोफाइल सिस्टम की शुरुआत
प्रदेश पुलिस ने शातिर अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग को आसान बनाने के लिए डिजिटल क्राइम प्रोफाइल सिस्टम लागू किया है। इसके तहत हर गिरफ्तार व्यक्ति का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे उसकी पूरी आपराधिक पृष्ठभूमि एक क्लिक में उपलब्ध हो सके। इस पहल का उद्देश्य अपराध नियंत्रण को तेज और अधिक प्रभावी बनाना है, जिससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ें।
एनसीआरबी और एमसीयू प्रोजेक्ट का विस्तार
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा संचालित मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा रहा है। अब तक कई एमसीयू यूनिट स्थापित हो चुकी हैं और दर्जनों थानों व जेलों में इसे लागू करने की प्रक्रिया जारी है। इस सिस्टम के लिए सॉफ्टवेयर एनसीआरबी उपलब्ध करा रहा है, जबकि हार्डवेयर और तकनीकी ढांचा राज्य पुलिस द्वारा विकसित किया जा रहा है।
बायोमेट्रिक डेटा से मजबूत पहचान प्रक्रिया
नई व्यवस्था में फिंगरप्रिंट, पाम प्रिंट, आईरिस स्कैन, रेटिना डाटा और फेस रिकग्निशन जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही वीडियो आधारित गेट पैटर्न और डीएनए प्रोफाइलिंग भी सिस्टम का हिस्सा है। इन सभी डेटा को एकीकृत कर एक मल्टी-लेयर डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है, जिससे किसी भी अपराधी की पहचान बेहद सटीक और तेज हो सकेगी।
जांच एजेंसियों के बीच रियल टाइम कनेक्टिविटी
इस डिजिटल सिस्टम को सीबीआई, एनआईए, डीआरआई सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियों से जोड़ा गया है। लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, एटीएस, एसटीएफ और साइबर यूनिट भी इससे जुड़ी हैं। इससे किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति का डेटा तुरंत साझा किया जा सकता है, जिससे जांच में लगने वाला समय कम होगा और अपराधियों की गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।
एनएसजी प्रशिक्षण से सुरक्षा क्षमता में वृद्धि
प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एनएसजी के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों, ड्रोन खतरों और तकनीकी अपराधों से निपटने के लिए सक्षम बनाना है। इससे सुरक्षा तंत्र अधिक मजबूत, प्रशिक्षित और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार हो रहा है।