मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से थाने के भीतर से फरार हुए दो हथियार तस्कर आखिरकार पंजाब के जालंधर में पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनकी गिरफ्तारी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। पुलिस ने भेष बदलकर आरोपियों पर नजर रखी और बेहद गोपनीय तरीके से उन्हें ट्रेस किया। टीम ने
आरोपियों की तलाश में जूस की दुकान से लेकर ऑटो स्टैंड तक अपनी मौजूदगी दर्ज की, लेकिन पहचान नहीं खोली। इस ऑपरेशन में पुलिस ने सूझबूझ और धैर्य का परिचय दिया। डीआईजी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम ने आखिरकार आरोपियों को जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस
इनसे अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है।
थाने से भागे थे आरोपी, पुलिस पर उठे सवाल
30 मई को जैतापुर थाने में पुलिस रिमांड के दौरान दो आरोपी—वीरपाल (20) और जगवींदर सिंह (25)—थाने से फरार हो गए थे। ये दोनों पंजाब के रहने वाले थे और खरगोन में अवैध हथियार खरीदने आए थे। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे।
डीआईजी के निर्देश पर बनी SIT, 5 टीमें की गई तैनात
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा ने विशेष जांच टीम गठित की। 20 से अधिक पुलिसकर्मी पांच टीमों में बांटे गए। सभी ने अपने-अपने ढंग से आरोपियों की तलाश शुरू की।
जूस बेचने से लेकर ऑटो चलाने तक, पुलिस ने अपनाया हर तरीका
पुलिस जवानों ने आरोपियों की जासूसी के लिए वेश बदलकर पंजाब में डेरा जमाया। कुछ जवान जूस स्टॉल पर काम करते दिखे तो कुछ ऑटो चालक बनकर मोहल्लों में घूमे। एक जवान ने खुद को मोबाइल रिपेयरिंग वाला बताया, ताकि इलाके में सहज घुल-मिल सके।
जालंधर से गिरफ्तारी, अब खुलेगा तस्करी नेटवर्क
आखिरकार आठ दिन की कड़ी निगरानी के बाद पुलिस को सफलता मिली और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। अब दोनों को खरगोन लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे मध्य प्रदेश में सक्रिय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।