आपने फिल्म 'बाहुबली' में कटप्पा को हवा में उछलकर दुश्मनों पर हमला करते देखा होगा। अब मध्य प्रदेश पुलिस भी कुछ वैसी ही ट्रेनिंग ले रही है। प्रदेश की पुलिस को अब देसी मार्शल आर्ट सिखाई जा रही है, जिसमें 5000 साल पुरानी युद्ध कला ‘कलारीपयट्टू’ समेत 8 पारंपरिक भारतीय युद्ध विधाओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य है जवानों का शारीरिक और मानसिक स्तर पर विकास करना और भारतीय पद्धति से उन्हें सशक्त बनाना।
अब देसी कला से होगी पुलिस की तैयारी
पुलिस प्रशिक्षण शाखा ने हर PTS (पुलिस ट्रेनिंग स्कूल) में अलग-अलग मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग लागू की है। सागर में कलारीपयट्टू, भौंरी में लाठी खेला, रीवा में लाठी, तिघरा में ताइक्वांडो, इंदौर में वुशु, उज्जैन में लाठी तलवार, पचमढ़ी में कलारीपयट्टू, और उमरिया में लाठी कर्रासमु सिखाई जा रही है।
देशभर के मास्टर ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण
इन कलाओं की ट्रेनिंग देने के लिए देश के सर्टिफाइड ट्रेनर्स को बुलाया गया है। पुलिस विभाग इन्हीं से मास्टर ट्रेनर तैयार करेगा, जो आगे अन्य पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देंगे। पहले जहां पुलिस को केवल वेस्टर्न स्टाइल की ट्रेनिंग दी जाती थी, अब देसी और पारंपरिक युद्धकला पर जोर दिया जा रहा है।