मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद अब निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता साफ होता दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ये नियुक्तियां शुरू होंगी। बीजेपी के "एक व्यक्ति-एक पद" फॉर्मूले को केंद्रीय संगठन से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। सूत्रों के अनुसार, सूची लगभग तैयार है और इसमें कई पूर्व मंत्री, विधायक और संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं।
बिहार चुनाव के बाद एमपी में सियासी समीकरण बदलेंगे
राज्य में फरवरी 2024 में सभी 46 निगम-मंडल की राजनीतिक नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। तब से सत्ता के दावेदारों में नई नियुक्तियों की चर्चा जारी है। अब संगठन और सरकार के बीच बनी सहमति के बाद माना जा रहा है कि बिहार चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद नई नियुक्तियां घोषित की जा सकती हैं। इन नियुक्तियों में क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा।
एक व्यक्ति-एक पद फॉर्मूला हुआ फाइनल
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी का "एक व्यक्ति-एक पद" फॉर्मूला केंद्रीय संगठन द्वारा मंजूर कर लिया गया है। इसका अर्थ है कि किसी भी नेता को एक ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि संगठन और सत्ता में सामंजस्य बना रहे। इसी के तहत लिस्ट तैयार की जा चुकी है, जिस पर जल्द केंद्र की मुहर लगने की संभावना है।
इन नेताओं के नाम चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, इमरती देवी और रामनिवास रावत के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। वहीं उमाशंकर गुप्ता और अंचल सोनकर जैसे वरिष्ठ नेताओं के नामों पर भी मंथन चल रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय संगठन स्तर पर ही लिया जाएगा।
संगठन कार्यकर्ताओं को भी मिलेगा मौका
पूर्व विधायकों के अलावा कई पुराने संगठन कार्यकर्ता भी रेस में हैं। इनमें ध्रुवनारायण सिंह, संजय शुक्ला, अलकेश आर्य, कलसिंह भाबर, आशुतोष तिवारी और विजय दुबे जैसे नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा विनोद गोटिया, गौरव सिरोठिया, संजय नगाइच और शैतान सिंह पाल के नामों पर भी विचार चल रहा है। माना जा रहा है कि सीएम डॉ. मोहन यादव की हालिया दिल्ली यात्रा में इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय चर्चा हो चुकी है।