मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विधानसभा के विशेष सत्र में जहां सरकार ने इसे ऐतिहासिक पहल बताया, वहीं कांग्रेस ने इसके क्रियान्वयन में देरी का आरोप लगाया। सदन से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर बहस जारी है। विपक्ष का कहना है कि महिलाओं को तत्काल लाभ मिलना चाहिए, जबकि सत्तापक्ष इसे प्रक्रिया से जोड़कर देख रहा है।
कांग्रेस का सरकार पर सीधा हमला
कांग्रेस विधायक Sohanlal Valmiki ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण को लागू करने में देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर इसे टाला जा रहा है।
महिला कांग्रेस की तत्काल लागू करने की मांग
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Reena Borasi ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को तुरंत लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि संसद से पारित होने के बाद भी इसे लागू न करना महिलाओं के साथ अन्याय है।
किसान मुद्दे के साथ सदन पहुंचे विधायक
कांग्रेस विधायक Abhijeet Shah ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने गेहूं की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर किसानों को कम दाम देने का आरोप लगाया।
सत्तापक्ष ने महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
भाजपा नेता Hemant Khandelwal ने कहा कि महिला आरक्षण देश की दिशा तय करने वाला विषय है। उन्होंने महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार देने की बात कही।
विपक्ष का आरोप- आरक्षण टाल रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने कहा कि सरकार आरक्षण को परिसीमन के बाद लागू करने की योजना बना रही है, जिससे महिलाओं को तत्काल लाभ नहीं मिलेगा।
सदन में तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप
चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए और इसे महिलाओं के मुद्दे के प्रति गंभीरता की कमी बताया।
महिला आरक्षण पर जारी रहेगा संघर्ष
विधानसभा में चली इस बहस से साफ है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में और गरमाने वाला है। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ जनता के बीच इस विषय को लेकर सक्रिय हैं।