मध्य प्रदेश सरकार ने जेल सुधार और पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग ने डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर 87 आजीवन कारावास के बंदियों को समय पूर्व रिहाई देने और 7 अन्य कैदियों को सजा में विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। यह फैसला अच्छे आचरण वाले कैदियों को प्रोत्साहित करने और जेलों में अनुशासन मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
आंबेडकर जयंती पर मिली बड़ी राहत
Ambedkar Jayanti के मौके पर गृह विभाग ने यह अहम निर्णय लिया है। इसके तहत 87 ऐसे बंदियों को रिहा किया जाएगा जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे और जिनका व्यवहार जेल में बेहतर पाया गया। वहीं 7 अन्य कैदियों को सजा में विशेष परिहार दिया जाएगा।
साल में 5 खास मौकों पर मिलती है छूट
राज्य सरकार द्वारा तय नीति के अनुसार, साल में पांच प्रमुख अवसरों पर कैदियों को राहत दी जाती है। इनमें Republic Day, Ambedkar Jayanti, Independence Day, Gandhi Jayanti और Janjatiya Gaurav Diwas शामिल हैं। इन अवसरों पर अच्छे आचरण वाले बंदियों को सजा में छूट या रिहाई दी जाती है।
अच्छे व्यवहार पर मिलता है लाभ
यह रिहाई केवल उन्हीं कैदियों को दी जाती है, जिनका व्यवहार जेल में अनुशासित और सकारात्मक होता है। जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग अंतिम निर्णय लेता है। इससे कैदियों को सुधार की दिशा में प्रेरणा मिलती है और जेलों में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलती है।
पहले भी मिल चुकी है राहत
इससे पहले Republic Day के अवसर पर 94 बंदियों को समय पूर्व रिहाई या सजा में छूट दी गई थी। यह दिखाता है कि सरकार लगातार इस नीति को लागू कर रही है और सुधारात्मक न्याय प्रणाली को बढ़ावा दे रही है।
जेल प्रबंधन और पुनर्वास में मदद
इस तरह के फैसलों से जेलों में भीड़ कम होती है और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होती है। साथ ही, रिहा होने वाले बंदियों के पुनर्वास की प्रक्रिया आसान होती है, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।