भोपाल। मध्य प्रदेश में आयकर विभाग (IT), प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और जीएसटी विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। साइंस हाउस ग्रुप और उससे जुड़े ठिकानों पर चल रही जांच में एक करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी, 18 बैंक लॉकर और करोड़ों के बोगस बिलिंग से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। शुरुआती जांच में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। एजेंसियों की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही और माना जा रहा है कि यह जांच कई दिनों तक चल सकती है।
16 ठिकानों पर दबिश
सूत्रों के अनुसार बैढऩ (सिंगरौली) से लेकर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और छतरपुर में करीब 16 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई हुई। कर सलाहकार अनिल कुमार शाह पर आरोप है कि उन्होंने बोगस दस्तावेजों के जरिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया और फर्मों को उपलब्ध कराकर मोटा कमीशन कमाया।
ठेकेदार और व्यापारियों पर भी कार्रवाई
जांच में सामने आया कि सिर्फ कारोबारी ही नहीं, बल्कि कई ठेकेदार भी फर्जी इनवॉयस के जरिए कर चोरी में शामिल रहे। सीमेंट और लोहा कारोबार से जुड़े ठिकानों पर भी छानबीन जारी है।
आबकारी अधिकारी के घर ED की रेड
इसी कड़ी में मंदसौर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी बद्रीलाल डांगी के घर पर भी ईडी ने तड़के छापा मारा। यह कार्रवाई करीब 7 घंटे चली। उन पर इंदौर आबकारी विभाग से जुड़े 42 करोड़ रुपये के फर्जी चालान घोटाले का आरोप है।
विदेश कनेक्शन की जांच
लालघाटी निवासी राजेश गुप्ता के यहां से ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे विदेशी नेटवर्क का कनेक्शन सामने आया है। जांच एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। साइंस हाउस ग्रुप के संचालक जितेंद्र तिवारी और उनके परिजनों के बैंक खातों की भी बारीकी से जांच हो रही है।