मध्यप्रदेश की राजनीति से जुड़ा एक अहम मामला फिलहाल टल गया है। दतिया के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता Rajendra Bharti से जुड़े सहकारिता बैंक घोटाले केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 15 अप्रैल तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर अगली तारीख पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं, जिससे इस केस पर सभी की नजरें टिक गई हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किए नोटिस
Delhi High Court ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पक्ष 15 अप्रैल को अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित रहें। इस फैसले के बाद मामले की सुनवाई फिलहाल टल गई है और अब अगली तारीख पर अहम बहस होने की उम्मीद है।
एमपी एमएलए कोर्ट का फैसला बना आधार
Rajendra Bharti को इससे पहले एमपी एमएलए कोर्ट ने सहकारिता बैंक घोटाले में दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी शून्य घोषित कर दी गई थी, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी।
क्या है सहकारिता बैंक घोटाला मामला
यह मामला करीब 25 साल पुराना बताया जा रहा है, जब Rajendra Bharti दतिया जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। आरोप है कि उन्होंने बैंक कर्मचारी के साथ मिलकर 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर किया। दस्तावेजों में बदलाव कर ज्यादा समय तक उच्च ब्याज दर का लाभ लेने का आरोप लगा है। इसी आधार पर उन्हें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसी धाराओं में दोषी ठहराया गया।
सदस्यता बहाली की उम्मीदें हाईकोर्ट पर टिकीं
अब Delhi High Court में होने वाली सुनवाई पर ही Rajendra Bharti की राजनीतिक भविष्य की दिशा निर्भर मानी जा रही है। अगर हाईकोर्ट से राहत मिलती है तो उनकी सदस्यता बहाल होने की संभावना बन सकती है, अन्यथा सजा का असर जारी रहेगा।
चुनावी जीत से चर्चा में आए थे भारती
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में Rajendra Bharti ने भाजपा के वरिष्ठ नेता Narottam Mishra को 7742 वोटों से हराया था। इस जीत के बाद वे प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए थे, लेकिन अब यह मामला उनके करियर के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।